🌺 शारदीय नवरात्रि 2026: प्रतिपदा, घटस्थापना, अष्टमी, नवमी, विजयादशमी और व्रत पारण की संपूर्ण जानकारी
क्या 10 अक्टूबर की रात से नवरात्रि शुरू हो जाएगी?
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा कब शुरू होगी और कब समाप्त होगी?
11 अक्टूबर को ही घटस्थापना क्यों होगी?
महाष्टमी और महानवमी की तिथि कब शुरू और कब समाप्त होगी?
विजयादशमी 20 अक्टूबर को ही क्यों मनाई जाएगी?
और नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा?
यदि आप भी इन प्रश्नों को लेकर भ्रमित हैं, तो इस लेख को अंत तक पढ़िए। यहाँ शारदीय नवरात्रि 2026 की तिथियों, समय और प्रमुख धार्मिक विधान को क्रमवार और सरल भाषा में समझाया गया है।
⚠️ विशेष पंचांग सूचना
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 10 अक्टूबर 2026 की रात्रि में प्रारंभ होती है और 11 अक्टूबर 2026 की रात्रि तक रहती है। लेकिन शारदीय नवरात्रि का प्रथम दिवस एवं घटस्थापना 11 अक्टूबर 2026 को होगी।
इसलिए प्रतिपदा तिथि के प्रारंभ और नवरात्रि के प्रथम दिवस को एक ही बात न समझें। तिथि का रात्रि में प्रारंभ होना और पर्व के प्रथम दिवस का निर्धारण अलग विषय हैं।
श्री काशी विश्वनाथ पंचांग — श्री ऋषिकेश पंचांग
संवत् 2083, शक 1948
🌙 शुक्ल पक्ष प्रतिपदा — तिथि का पूरा समय
📅 10 अक्टूबर 2026
🕣 रात्रि लगभग 8:38 बजे
📅 11 अक्टूबर 2026
🕣 रात्रि लगभग 8:37 बजे
🌺 नवरात्रि का प्रथम दिवस: 11 अक्टूबर 2026
🌺 प्रथम देवी: माँ शैलपुत्री
प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात में प्रारंभ होती है, लेकिन नवरात्रि का प्रथम दिवस 11 अक्टूबर को होगा। इसी दिन घटस्थापना/कलश स्थापना की जाएगी।
🪔 11 अक्टूबर को घटस्थापना क्यों?
नवरात्रि के प्रथम दिवस अर्थात 11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना एवं कलश स्थापना का विधान रहेगा।
आपके श्री ऋषिकेश पंचांग में चित्रा एवं वैधृति संबंधी निषेध तथा अभिजित मुहूर्त के संदर्भ में कलश स्थापना का विशेष निर्देश दिया गया है। इसलिए घटस्थापना करते समय पंचांग में दिए गए निर्धारित मुहूर्त का पालन करना चाहिए।
रविवार, 11 अक्टूबर 2026
🌺 नवरात्रि के नौ स्वरूप — दिनवार क्रम
| क्रम | देवी का स्वरूप | तिथि |
|---|---|---|
| 1️⃣ | माँ शैलपुत्री | प्रतिपदा |
| 2️⃣ | माँ ब्रह्मचारिणी | द्वितीया |
| 3️⃣ | माँ चंद्रघंटा | तृतीया |
| 4️⃣ | माँ कूष्मांडा | चतुर्थी |
| 5️⃣ | माँ स्कंदमाता | पंचमी |
| 6️⃣ | माँ कात्यायनी | षष्ठी |
| 7️⃣ | माँ कालरात्रि | सप्तमी |
| 8️⃣ | माँ महागौरी | अष्टमी |
| 9️⃣ | माँ सिद्धिदात्री | नवमी |
नवरात्रि के प्रत्येक दिवस की तिथि, देवी-स्वरूप, पूजा-विधान और विशेष धार्मिक जानकारी को आगे अलग-अलग पोस्ट में भी विस्तार से प्रकाशित किया जाएगा।
🌺 अष्टमी 2026 — महाष्टमी एवं दुर्गाष्टमी
शारदीय नवरात्रि में अष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। ऋषिकेश पंचांग में महाष्टमी व्रत, श्री दुर्गाष्टमी व्रत तथा महागौरी दर्शन का उल्लेख है।
📅 18 अक्टूबर 2026
🕣 प्रातः लगभग 8:28 बजे
📅 19 अक्टूबर 2026
🕥 प्रातः लगभग 10:52 बजे
अष्टमी के प्रमुख विधान:
- महाष्टमी व्रत
- श्री दुर्गाष्टमी व्रत
- माँ महागौरी का पूजन एवं दर्शन
- अष्टमी-नवमी तिथि-संधि
ऋषिकेश पंचांग में “अष्टमी नवमी तिथिसंधि में तंत्रपूजन” का विशेष उल्लेख है।
🌺 महानवमी 2026 — दुर्गानवमी
📅 19 अक्टूबर 2026
🕥 प्रातः लगभग 10:52 बजे
📅 20 अक्टूबर 2026
🕛 दोपहर लगभग 12:50 बजे
19 अक्टूबर को अष्टमी समाप्त होने के बाद उसी दिन नवमी प्रारंभ हो जाती है। इसी कारण 19 अक्टूबर की जानकारी में अष्टमी और नवमी दोनों का उल्लेख मिल सकता है।
ऋषिकेश पंचांग में महानवमी व्रत और दुर्गानवमी का उल्लेख किया गया है।
नवमी के दिन माँ सिद्धिदात्री के पूजन का क्रम माना जाता है।
🏹 विजयादशमी 2026 — दशहरा
📅 20 अक्टूबर 2026
🕛 दोपहर लगभग 12:50 बजे
📅 21 अक्टूबर 2026
🕑 दोपहर लगभग 2:12 बजे
🏹 विजयादशमी का पर्व — 20 अक्टूबर 2026
ऋषिकेश पंचांग में दशमी के संबंध में “अपराह्न में व्याप्त तथा श्रवणयोग में विजयादशमी” का निर्देश दिया गया है।
- विजयादशमी
- श्रवणयोग
- अपराह्न
- विजय मुहूर्त
- देवी अपराजिता पूजन
- प्रस्थान से पूर्व पूजन
🙏 नवरात्रि व्रत का पारण कब होगा?
ऋषिकेश पंचांग में दशमी के क्रम में स्पष्ट रूप से “नवरात्रव्रत का पारण” दिया गया है।
व्रत पारण का दिन: 20 अक्टूबर 2026
तिथि-क्रम के अनुसार 20 अक्टूबर को नवमी लगभग दोपहर 12:50 बजे समाप्त होकर दशमी प्रारंभ होती है।
ध्यान रखें—“पारण” और “उद्यापन” एक ही बात नहीं हैं। इस लेख में पंचांग के अनुसार “नवरात्रि व्रत पारण” शब्द का ही प्रयोग किया गया है।
📅 शारदीय नवरात्रि 2026 — एक नजर में
| तिथि | प्रारंभ | समाप्ति | मुख्य विषय |
|---|---|---|---|
| 🌙 प्रतिपदा | 10 अक्टूबर रात ~8:38 बजे |
11 अक्टूबर रात ~8:37 बजे |
प्रथम नवरात्रि / घटस्थापना |
| 🌺 अष्टमी | 18 अक्टूबर प्रातः ~8:28 बजे |
19 अक्टूबर प्रातः ~10:52 बजे |
महाष्टमी / दुर्गाष्टमी |
| 🌺 नवमी | 19 अक्टूबर प्रातः ~10:52 बजे |
20 अक्टूबर दोपहर ~12:50 बजे |
महानवमी / दुर्गानवमी |
| 🏹 दशमी | 20 अक्टूबर दोपहर ~12:50 बजे |
21 अक्टूबर दोपहर ~2:12 बजे |
विजयादशमी |
| 🙏 व्रत पारण | 20 अक्टूबर 2026 | नवमी के पश्चात दशमी क्रम में | |
🔔 नवरात्रि के प्रत्येक दिवस की जानकारी आगे भी पढ़ें
शारदीय नवरात्रि के प्रत्येक दिवस की तिथि, माँ के स्वरूप, पूजा-विधान, व्रत, धार्मिक महत्व और विशेष पंचांग जानकारी से संबंधित अलग-अलग पोस्ट आगे भी हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएँगी।
नवरात्रि के अगले दिवस की जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर पुनः अवश्य आएँ और उपलब्ध होने पर Follow विकल्प के माध्यम से हमसे जुड़े रहें।
🔔 वैदिक एवं तांत्रिक ज्ञान पर जाएँ⚠️ अंतिम महत्वपूर्ण पंचांग सूचना
इस लेख में शारदीय नवरात्रि 2026 की तिथि एवं धार्मिक विधान को मुख्य रूप से श्री काशी विश्वनाथ पंचांग — श्री ऋषिकेश पंचांग, संवत् 2083, शक 1948 के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।
विशेष रूप से ध्यान रखें कि 10 अक्टूबर की रात्रि में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा प्रारंभ होने के बावजूद शारदीय नवरात्रि का प्रथम दिवस और घटस्थापना 11 अक्टूबर 2026 को होगी।
अष्टमी, नवमी और दशमी जैसी तिथियाँ एक से अधिक नागरिक तारीखों में चल सकती हैं। इसलिए केवल तारीख देखकर निर्णय न लें; तिथि के प्रारंभ और समाप्ति का समय भी ध्यान में रखें।
स्रोत:
श्री काशी विश्वनाथ पंचांग — श्री ऋषिकेश पंचांग
संवत् 2083, शक 1948
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🙏 जय माता दी। 🌺









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